धुरंधर द रिवेंज’ पर सियासत तेज, भूपेश बघेल और इमरान मसूद ने उठाए सवाल

धुरंधर द रिवेंज को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने फिल्म पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह “चमचागिरी करने की परिकाष्ठा” है। भूपेश बघेल के मुताबिक देश में लगातार आतंकवाद की घटनाएं हो रही हैं और बीते कुछ सालों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। उनका कहना है कि इस तरह की फिल्में मोदी सरकार को खुश करने के लिए बनाई जा रही हैं। धुरंधर द रिवेंज पर दिया गया उनका यह बयान अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
वहीं, इस मामले में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनभावना की कदर नहीं करती और केवल अपने राजनीतिक एजेंडे पर काम करती है। अरुण साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी देश के एजेंडे पर काम नहीं किया। उनके अनुसार जब देश के मुद्दों पर काम हो रहा है, तब कांग्रेस को परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना फिल्म को देखे और समझे उसका विरोध करना ठीक नहीं है।
इस बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी धुरंधर द रिवेंज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी चीजों को कौन देखेगा और कौन उस पर विश्वास करेगा। इमरान मसूद ने नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि देश पहले भी ऐसे फैसलों का असर झेल चुका है, जिनसे लोगों को नुकसान हुआ। उनके मुताबिक नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले ने देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी थी।
इमरान मसूद ने यह भी कहा कि अगर फिल्म में कुछ दिखाना ही है, तो देश के लिए सकारात्मक उदाहरण दिखाए जाने चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि यह दिखाया जा सकता है कि उन्होंने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति निक्सन को किस तरह जवाब दिया था। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर भी टिप्पणी की। धुरंधर द रिवेंज को लेकर आए इन बयानों ने फिल्म को राजनीति के केंद्र में ला दिया है।




