CHHATTISGARH

जंगल के भीतर छिपा था माओवादियों का खतरनाक नेटवर्क, सुरक्षा बलों ने किया बड़ा खुलासा

खबर को शेयर करें

 नारायणपुर :  गढ़चिरौली की सीमा से लगे घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के एक बड़े हथियार निर्माण केंद्र का पर्दाफाश किया है। संयुक्त अंतरराज्यीय अभियान के दौरान जवानों ने भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें बरामद कीं। कई संवेदनशील और खतरनाक सामग्रियों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, ताकि उनका दोबारा उपयोग न हो सके।यह कार्रवाई ऑपरेशन अंतिम प्रहार के तहत की गई, जिसे सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

सुरक्षा बलों के हाथ लगे आधुनिक हथियार

अभियान के दौरान जवानों ने माओवादियों के गुप्त हथियार भंडार से कई घातक हथियार बरामद किए। इनमें इंसास रायफल, सिंगल शॉट रायफल, बारह बोर रायफल और जिंदा कारतूस शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों पर हमले और घात लगाकर वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।

सरेंडर कर चुके माओवादियों ने खोला राज

पूरे ऑपरेशन की सबसे अहम कड़ी आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी बने। पूछताछ के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे जंगलों में हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई है। इसी सूचना के आधार पर 26 मई 2026 को संयुक्त अभियान शुरू किया गया।गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देशन में अभियान की रणनीति तैयार की गई और कई विशेष टीमों को जंगलों में उतारा गया।

इसे भी पढ़े...  छत्तीसगढ़ के स्कूलों में नया सत्र नई पहचान…दो सेट यूनिफॉर्म और बदला हुआ लुक, 16 जून से लागू होगी व्यवस्था

घने जंगलों में चला बड़ा सर्च ऑपरेशन

27 मई 2026 को काकूर थाना क्षेत्र के जंगलों में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया। अभियान में प्राणहिता की विशेष अभियान इकाइयों, नारायणपुर डीआरजी और बीडीडीएस की टीमें शामिल रहीं। जंगल के भीतर कई स्थानों पर संदिग्ध ठिकानों की जांच की गई, जहां से विस्फोटक और हथियार निर्माण से जुड़ी सामग्री मिली।

आईईडी से लेकर बीजीएल लॉन्चर तक बरामद

सुरक्षा बलों को तलाशी के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री हाथ लगी। बरामद सामान में 25 किलो आईईडी विस्फोटक, क्लेमोर माइन, डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर और सैकड़ों बीजीएल सेल शामिल हैं। इसके अलावा बीजीएल लॉन्चर, ट्यूब लॉन्चर, लेथ मशीन, मोटर, ग्राइंडर मशीन, इन्वर्टर, बैटरी, वायर बंडल और सोलर प्लेट भी बरामद की गईं।अधिकारियों के मुताबिक माओवादी इन उपकरणों का इस्तेमाल जंगलों में ही हथियार और विस्फोटक तैयार करने के लिए कर रहे थे।

मौके पर ही नष्ट की गई खतरनाक सामग्री

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षा बलों ने घटनास्थल पर ही कई विस्फोटक उपकरण और हथियार निर्माण सामग्री को नष्ट कर दिया। इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी हिंसक गतिविधि की संभावना को खत्म करना था।

लगातार कमजोर हो रहा माओवादी नेटवर्क

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गढ़चिरौली क्षेत्र में माओवादी गतिविधियां तेजी से कमजोर पड़ रही हैं। सुरक्षा बल लगातार अभियान चलाकर माओवादियों के नेटवर्क, हथियार सप्लाई और छिपे ठिकानों को खत्म करने में जुटे हैं।

अधिकारियों ने अभियान में शामिल जवानों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

इसे भी पढ़े...  CG JOB NEWS : दिव्यांगजनों के लिए बड़ा रोजगार अवसर: 11 हजार से 30 हजार तक वेतन वाली नौकरियों का मौका

TNA DESK

TNA DESK में अनुभवी पत्रकारों की टीम है जो देश दुनिया की तमाम खबरों पर पैनी नज़र बनाए रखती है और पाठकों के सामने विश्वसनीयता के साथ हर खबरों का हर पल अपडेट देती है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button