मध्यप्रदेश

महाकाल मंदिर में बड़ा बदलाव! अब नहीं चढ़ा सकेंगे बड़ी फूल-मालाएं, नई गाइडलाइन जारी

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Ujjain News: उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए लगातार नए नियम लागू किए जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के बाद अब मंदिर में फूल-मालाओं के चढ़ावे को लेकर नया नियम लागू किया गया है. समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि भारी और बड़ी फूल-मालाएं गर्भगृह में अव्यवस्था पैदा कर रही हैं. इसी के आधार पर अब महाकाल मंदिर में बड़ी और विशाल फूल-मालाएं चढ़ाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी.

लंबे समय से देखा जा रहा था कि अत्यधिक बड़ी मालाओं के कारण गर्भगृह में अव्यवस्था बढ़ जाती थी और भक्तों की आवाजाही भी बाधित होती थी. इसी वजह से मंदिर समिति ने सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है.

भारी मालाओं से गर्भगृह में फैलती है अव्‍यवस्‍था
महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि भारी मालाओं के कारण गर्भगृह में अव्यवस्था फैल जाती थी, जिससे भीड़ प्रबंधन में कठिनाई आती थी. नई व्यवस्था के तहत अब केवल सामान्य आकार की और हल्की फूल-मालाओं को ही भगवान महाकाल को अर्पित किया जाएगा. उन्होंने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित आकार की ही माला लेकर आएं और नए नियमों का पालन करें.

महाकाल ज्‍योतिर्लिंग की सुरक्षा के लिए बनाई गई विशेषज्ञ टीम
महाकाल ज्योतिर्लिंग की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 2017 में एक जनहित याचिका दायर की गई थी. इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ए.एस.आई और जी.एस.आई के विशेषज्ञों की एक टीम गठित की थी. वर्ष 2019 में इस समिति ने विस्तृत जांच शुरू की और ज्योतिर्लिंग की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. इन्हीं सुझावों में छोटी मालाओं और सीमित मात्रा में फूल चढ़ाने की अनुशंसा भी शामिल थी. मंदिर समिति द्वारा लागू किए गए ये नए नियम उन्हीं सिफारिशों के अनुरूप हैं.

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TNA DESK

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