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क्या सच में मर्ज हो चुके हैं ट्राइबल और एजुकेशन डिपार्मेंट ! क्या ट्राइबल के शिक्षकों का अब हो सकेगा एजुकेशन डिपार्टमेंट में ट्रांसफर ? जाने क्या है आदेश की हकीकत और क्या मिलेगा लाभ

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आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अवर सचिव सरोजनी टोप्पो द्वारा 13 सितंबर को जारी किए गए एक आदेश को लेकर शिक्षा विभाग के शिक्षकों में भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई है आदेश को सोशल मीडिया ग्रुप में यह कहकर भी वायरल किया जा रहा है कि अब ट्राइबल के शिक्षकों का स्थानांतरण स्कूल शिक्षा विभाग में हो सकता है क्योंकि ट्राइबल और एजुकेशन विभाग मर्ज हो चुके हैं । शिक्षकों के भ्रम को देखते हुए जब टीम TNA ने मंत्रालय के सूत्रों से इसका पता लगाया तो जानकारी मिली कि दरअसल ऐसा कुछ भी नहीं है जैसा शिक्षक सोच रहे हैं और यह आदेश 5 मार्च 2019 को जारी हुए आदेश के एक बिंदु को पुन: स्पष्ट करने के लिए आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा जारी किया गया है और संदर्भ में उसे आदेश का उल्लेख भी किया गया है । दरअसल शासकीय शालाओं में शिक्षा की पृथक पृथक प्रबंधन व्यवस्था को समाप्त करते हुए समस्त शालाओं का प्रबंधन , पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपा गया है और इस प्रकार स्कूल शिक्षा विभाग में पहले से चली आ रही व्यवस्था को समाप्त किया गया है इसके साथ ही स्कूलों में AC ट्राइबल नामक अधिकारियों की भूमिका भी समाप्त हो गई है लेकिन शिक्षकों की बात करें तो 2019 में इस आदेश को जारी करते समय ही यह स्पष्ट कर दिया गया था की ई और टी 2 संवर्ग निर्मित किए जाएंगे और इन्हें आपस में मर्ज नहीं किया गया है । यही वजह है कि स्कूल शिक्षा विभाग में E संवर्ग के शिक्षकों का स्थानांतरण T संवर्ग में नहीं हो सकता है और T संवर्ग के शिक्षकों का स्थानांतरण E संवर्ग में नहीं हो सकता है और यह नियम अभी भी विद्यमान है ऐसे में 13 सितंबर के आदेश को भेजकर अब ई और टी संवर्ग का बंधन खत्म हो गया है वाली खबरें महज अफवाह है इससे अधिक कुछ भी नहीं ।

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