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कर्नाटक की सियासत से छत्तीसगढ़ में उठा सियासी तूफान, भूपेश बघेल ने बीजेपी पर साधा निशाना

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 रायपुर :  कर्नाटक कांग्रेस के नेतृत्व परिवर्तन की गूंज सुनाई देने लगी है। वहां सत्ता परिवर्तन के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान चर्चित ढाई-ढाई साल वाले फॉर्मूले को फिर हवा देते हुए सोशल मीडिया पर टिप्पणी की और कहा कि टीएस सिंहदेव के साथ न्याय नहीं हुआ। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने तीखा पलटवार किया।

हाईकमान का फैसला अंतिम, बीजेपी फैला रही भ्रम : बघेल

कर्नाटक में कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन के बाद सिद्धारमैया के इस्तीफे और डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा के बीच भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस का हर अनुशासित कार्यकर्ता हाईकमान के फैसले का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि बीजेपी जानबूझकर भ्रम फैलाने में लगी हुई है।

बघेल ने याद दिलाया कि जब वे मुख्यमंत्री बने थे, उसी दिन से यह सवाल उठाया जाता रहा कि क्या वे ढाई साल बाद पद छोड़ देंगे। उनका कहना था कि उन्होंने हमेशा एक ही जवाब दिया कि पार्टी नेतृत्व जब कहेगा, उसी दिन पद छोड़ देंगे। लेकिन पूरे पांच साल तक उन्हें ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी नेतृत्व तय करता है कि किसे कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी और फिलहाल वे राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

नीट परीक्षा में सेना की भूमिका पर केंद्र सरकार को घेरा

नीट परीक्षा संचालन में वायुसेना की मदद लेने के प्रस्ताव पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सेना का दायित्व देश की सुरक्षा करना है, परीक्षा कराना नहीं।

बघेल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार कर लिया है कि गृह मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन पर उसे भरोसा नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि असली समस्या मंत्रालय के भीतर है, लेकिन समाधान दूसरी जगह तलाशा जा रहा है। एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों पर जिम्मेदारी थी, उन्हें हटाने के बजाय दूसरे पदों पर बैठा दिया गया।

जनता बिजली, पानी और राशन के लिए परेशान : पूर्व मुख्यमंत्री

प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच भूपेश बघेल ने मौजूदा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी स्थिति बन गई है जहां आम लोगों को न समय पर राशन मिल पा रहा है और न ही पीने का पानी। बिजली कटौती ने अलग मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

उन्होंने कहा कि आज ऐसा कोई विभाग नजर नहीं आता जो जमीन पर प्रभावी तरीके से काम कर रहा हो। अपनी सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने पांच साल में 95 जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने उनमें से कई योजनाओं को बंद कर दिया। बघेल ने कहा कि मौजूदा सरकार का प्रदर्शन पूरी तरह माइनस में दिखाई दे रहा है।

मंदिर हसौद हत्या मामले पर बोले बघेल, प्रदेश में अराजकता का माहौल

रायपुर के मंदिर हसौद इलाके में पानी के विवाद के बाद युवक की हत्या और पार्षद की गिरफ्तारी के मामले पर भी भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और समाज को झकझोर देने वाला बताया।

बघेल ने कहा कि समाज में लगातार नफरत का माहौल तैयार किया गया है और अब उसका असर दिखाई देने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता का वातावरण बन चुका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई नहीं होती, तो कहीं विपक्षी नेताओं के खिलाफ कथित रूप से फर्जी मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

हसदेव जंगल का मुद्दा भी उठाया

पूर्व मुख्यमंत्री ने हसदेव क्षेत्र में लाखों पेड़ों की कटाई की अनुमति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाले फैसलों पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। उनके मुताबिक प्रदेश में जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी की जा रही है, जबकि सरकार केवल राजनीतिक और निजी हितों में व्यस्त दिखाई दे रही है।

TNA DESK

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