CHHATTISGARH

कांकेर ग्राम सभाओं के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर

खबर को शेयर करें

कांकेर : जिले के कुछ गांवों में बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कांकेर ग्राम सभा फैसला को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि ग्राम सभाएं अपने वैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए सामाजिक और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े निर्णय ले सकती हैं।

यह मामला उन गांवों से जुड़ा है जहां ग्राम सभाओं ने बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर रोक संबंधी बोर्ड लगाए थे। इस निर्णय को पहले हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन वहां भी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। हालांकि, सर्वोच्च अदालत से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि संविधान और संबंधित कानून ग्राम सभाओं को स्थानीय प्रशासन तथा सामाजिक-सांस्कृतिक हितों की रक्षा के लिए निर्णय लेने का अधिकार देते हैं। अदालत ने यह भी माना कि ग्राम सभा अपने क्षेत्र की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक संरचना के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठा सकती है।

प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कांकेर ग्राम सभा फैसला आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है। फिलहाल संबंधित गांवों में लगाए गए प्रवेश निषेध संबंधी बोर्ड प्रभावी रहेंगे, जिससे स्थानीय परंपराओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

इसे भी पढ़े...  छत्तीसगढ़ में होगा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026, सीएम साय ने की तैयारियों की समीक्षा

TNA DESK

TNA DESK में अनुभवी पत्रकारों की टीम है जो देश दुनिया की तमाम खबरों पर पैनी नज़र बनाए रखती है और पाठकों के सामने विश्वसनीयता के साथ हर खबरों का हर पल अपडेट देती है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button