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रायपुर में गैस सप्लाई पर बड़ा एक्शन, तीन एजेंसियों में छापे से मचा हड़कंप

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रायपुर। देशभर में रसोई गैस की सप्लाई और उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से बड़ा मामला सामने आया है। यहां गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और वितरण व्यवस्था में गंभीर गड़बड़ियों के आरोपों के बाद खाद्य विभाग ने एक साथ तीन प्रमुख गैस एजेंसियों पर छापेमारी की है। जांच के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर मिलने से पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मौर्य गैस एजेंसी में खुली बड़ी गड़बड़ी, रिकॉर्ड से बाहर मिले सैकड़ों सिलेंडर

नरहदा स्थित मौर्य गैस एजेंसी में जांच के दौरान अधिकारियों को ऐसी स्थिति मिली जिसने टीम को भी चौंका दिया। यहां बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर ऐसे पाए गए जिनका कोई उल्लेख दस्तावेजों में नहीं था।

जांच में 883 घरेलू और 53 व्यावसायिक गैस सिलेंडर बरामद किए गए। साथ ही स्टॉक रजिस्टर और दैनिक रिकॉर्ड में गंभीर खामियां पाई गईं। कई जरूरी दस्तावेज भी अधूरे या ठीक से अपडेट नहीं थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खाद्य विभाग ने तुरंत एजेंसी को सील कर दिया और विस्तृत जांच शुरू कर दी।

कान्हा और लक्ष्मी एजेंसी पर भी गिरी जांच की गाज

कार्रवाई सिर्फ एक एजेंसी तक सीमित नहीं रही। खाद्य विभाग की टीम ने कान्हा गैस एजेंसी और लक्ष्मी गैस एजेंसी पर भी जांच की।

सहायक संचालक सचिन मारकम और सहायक खाद्य अधिकारी देवेंद्र बग्गा की निगरानी में दोनों जगह कार्यालय और गोदामों का निरीक्षण किया गया। यहां भी ऑनलाइन रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया, जिससे अनियमितताओं की आशंका और गहरी हो गई है।

डिजिटल रिकॉर्ड बनाम असली स्टॉक, सिस्टम पर उठे सवाल

जांच में यह बात सबसे गंभीर रूप से सामने आई कि कई स्थानों पर ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर है। इससे यह संदेह मजबूत हुआ है कि गैस वितरण और स्टॉक प्रबंधन में लंबे समय से लापरवाही या गड़बड़ी चल रही थी।

हालांकि अब तक कुल जब्त सिलेंडरों का पूरा आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन जांच जारी है।

बड़े नेटवर्क की आशंका, जांच एजेंसियां सतर्क

खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद इस मामले के पीछे किसी बड़े नेटवर्क या व्यापक गड़बड़ी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। जांच एजेंसियां पूरे सिस्टम की गहराई से पड़ताल में जुट गई हैं।

अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय अनियमितता तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके तार कहीं और भी जुड़े हो सकते हैं।

प्रशासन का सख्त रुख, आगे और कार्रवाई के संकेत

रायपुर के अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने कहा है कि जांच में तीनों एजेंसियों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने साफ किया कि जांच पूरी होने के बाद नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गैस वितरण व्यवस्था पर फिर खड़े हुए गंभीर सवाल

इस पूरे मामले ने एक बार फिर गैस वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य गैस एजेंसियों की भी जांच की जा सकती है, ताकि सप्लाई सिस्टम में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

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