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पूर्व सेवा की गणना न हो पाने की बड़ी कीमत चुका रहे हैं संविलियन प्राप्त शिक्षक….. ग्रेच्युटी तक से वंचित हो रहे शिक्षक…. अधिकारी ने जारी किया आदेश, नहीं मिलेगा इस कारण से ग्रेच्युटी का लाभ !

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प्रदेश में शिक्षा कर्मियों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन तो हुआ पर पूर्व सेवा की गणना नहीं हुई और शिक्षा कर्मियों का शासकीयकरण इस तिथि से माना गया जिस तिथि से उनका स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन हुआ है यानी यदि किसी शिक्षक का संविलियन 1 जुलाई 2018 को हुआ है तो उसके शासकीय कारण की तिथि भी वही है और अब यही शिक्षकों के लिए बड़ी समस्या का वजह बनते जा रहा है क्योंकि शिक्षकों पुराने 20 सालों की सेवाएं शून्य हो गई है और अब चाहे मृत्यु प्रकरण हो या रिटायरमेंट प्रकरण उन्हें जमकर नुकसान उठाना पड़ रहा है । ऐसे ही एक प्रकरण में स्वर्गीय मुरारी झा की धर्मपत्नी गंगा देवी झा को ग्रेच्युटी से भी वंचित कर दिया गया है और इसके पीछे की वजह यह है कि मुरारी झा का सिसंविलियन 1 जुलाई 2018 को हुआ और उनका निधन उसके दो माह बाद 5 सितंबर 2018 को हो गया । निधन उपरांत उनकी धर्मपत्नी ने ग्रेच्युटी की मांग की और उच्च कार्यालय में शिकायतें की तो जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर के पत्र के जवाब में विकासखंड शिक्षा अधिकारी बस्तर ने पत्र जारी किया है जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि मुरारी झा का संविलियन 1 जुलाई 2018 को हुआ था और मृत्यु 5 सितंबर 2018 को यानी उन्होंने 5 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण नहीं की थी और शासकीय नियमानुसार ग्रेच्युटी की पात्रता उन्हें कर्मचारियों को होती है जिनकी 5 वर्ष से अधिक की सेवा अवधि पूर्ण हो चुकी होती है ऐसे में 5 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण न होने के कारण इस प्रकरण में ग्रेजुएटी का भुगतान संभव नहीं है । पूर्व सेवा अवधि की गणना होने के कारण 2028 से पहले रिटायर होने वाले शिक्षक जहां OPS से चूक जा रहे हैं वही मृत्यु प्रकरण में सविलियन के बाद जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 5 वर्ष नहीं हुई है उनके परिजन ग्रेच्युटी से वंचित हो जा रहे हैं । जबकि उन्होंने विभाग को बरसों सेवाएं दी है कुल मिलाकर सरकार द्वारा पूर्व सेवा अवधि की गणना न करना अब ऐसे प्रकरणों में काफी भारी साबित हो रहा है । देखे आदेश

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